मूल निवास और भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति के आह्वान पर रविवार को सुबह 10 बजे से आईडीपीएल हॉकी मैदान में लोग एकत्रित होने लगे। करीब 11 बजे तक मैदान लोगों से भर गया। करीब 11 बजकर 40 मिनट पर आईडीपीएल मैदान से ढोल-नगाड़ों के बीच रैली निकली। जो सिटी गेट, हरिद्वार मार्ग, कोयलघाटी, लोनिवि तिराहा होकर त्रिवेणीघाट पहुंची।
रैली में युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में पहुंची।
संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि यह राज्य के मूल निवासियों के अस्तित्व को बचाने के लिए लड़ाई है। उनके संसाधनों और रोजगार को सुरक्षित करने की मुहिम है। अभी तक इन मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। इस लिये वह इस अभियान में शामिल होकर अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना चाहते हैं। राज्य सरकार को चाहिए कि वह अपने राज्य की जरूरतों के हिसाब से भू-कानून तैयार करे।
भू-कानून में राज्य में सभी प्रकार की कृषि एवं बागवानी की भूमि की खरीद फरोख्त और लीज पर देने की प्रक्रिया पर पूर्णत: रोक लगनी चाहिए। इसके अलावा कृषि एवं बागवानी की भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन पर भी स्थायी रूप से रोक लगे।
समिति महासचिव प्रांचल नौड़ियाल ने कहा कि महारैली से सरकार को भी सशक्त भू-कानून और मूल निवास लागू करने का मजबूत संदेश गया है। रैली में बड़ी संख्या में शामिल होकर लोगों ने साफ संदेश दिया है कि अब राज्य की जनता खामोश रहने वाली नहीं है।