वित्त वर्ष 2024-25 में दूध और दूध उत्पादों के 33,405 नमूनों का विश्लेषण किया गया; 12,780 नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए

वित्त वर्ष 2024-25 में खाद्य व्यवसायियों के खिलाफ 12,057 मामले दर्ज किए गए

नई दिल्ली (संवाददाता)l भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) को खाद्य पदार्थों के लिए विज्ञान आधारित मानक निर्धारित करने और मानव उपभोग के लिए सुरक्षित और पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य पदार्थ तैयार करने, भंडारण, वितरण, बिक्री और आयात को विनियमित करने का दायित्व सौंपा गया है।

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का कार्यान्वयन और प्रवर्तन केंद्र और राज्य सरकारों की साझा जिम्मेदारी है। एफएसएसएआई विज्ञान-आधारित मानक निर्धारित करने और समग्र समन्वय सुनिश्चित करने के लिए और राज्य खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण मुख्य रूप से जमीनी स्तर पर प्रवर्तन के लिए जिम्मेदार हैं।

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम और उसके अंतर्गत बनाए गए विनियमों के तहत निर्धारित मानकों, सीमाओं और अन्य वैधानिक आवश्यकताओं का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए, खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) अपने चार क्षेत्रीय कार्यालयों और राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा प्राधिकरणों के माध्यम से पूरे वर्ष दूध और दूध उत्पादों सहित विभिन्न खाद्य उत्पादों के लिए नियमित रूप से स्थानीय/लक्षित विशेष प्रवर्तन एवं निगरानी अभियान, निरीक्षण और नमूनाकरण गतिविधियां संचालित करता है। मानकों से कोई विचलन या खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम (एफएसएसआर) का उल्लंघन के दोषी खाद्य व्यवसायियों (एफबीओ) पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और उसके अंतर्गत बनाए गए विनियमों के अनुसार दंडात्मक उपायों सहित नियामक कार्रवाई की जाती है।

खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण (एफएसएसएआई) उभरते मुद्दों, नीति सुधारों और खाद्य सुरक्षा कार्यान्वयन तंत्र को सुदृढ़ करने पर केंद्रित विचार-विमर्श को सुविधाजनक बनाने के लिए नियमित अंतराल पर केंद्रीय सलाहकार समिति (सीएसी) की बैठकें आयोजित करता है। केंद्रीय सलाहकार समिति की बैठकों के माध्यम से, प्रवर्तन तंत्र की स्थिति की समीक्षा करने और खाद्य सुरक्षा उपायों के उचित कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य खाद्य सुरक्षा आयुक्तों के साथ नियमित रूप से बैठकें आयोजित की जाती हैं।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में नियमों का पालन न करने के लिए दूध और दूध उत्पादों के लिए दोषी खाद्य एवं पशुपालकों (एफबीओ) के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है:-

वित्तीय वर्ष विश्लेषण किए गए नमूनों की संख्या अनुरूप न पाए गए नमूनों की संख्या दर्ज किए गए मामलों की संख्या
2024-25 33405 12780 12,057

 

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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