इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री, जितिन प्रसाद ने कहा, “एआई केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए है”
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के उद्घाटन दिवस पर भारत के नेतृत्व को रेखांकित किया
नैतिक रूपरेखाओं से लेकर व्यापक कौशल विकास तक, पहले दिन नेतृत्वकर्ताओं ने रखी सुरक्षित तथा सुलभ एआई भविष्य की आधारशिला
भारत के एआई विज़न का खुलासा: 2026 इम्पैक्ट समिट ओपनर के मुख्य अंश
डेटा संप्रभुता, डिजिटल विश्वास और कार्यबल कौशल संवर्धन जैसे भविष्य के महत्वपूर्ण स्तंभों पर चर्चा हेतु नीति-निर्माता और उद्योग नेता इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में एकत्र हुए
नई दिल्ली (संवाददाता)l इंडिया ए आई इम्पैक्ट समिट 2026 के उद्घाटन दिवस पर वैश्विक नीति-निर्माता, बहुपक्षीय संस्थाएँ, प्रौद्योगिकी नेता, नवप्रवर्तनक और उद्योग प्रतिनिधियों का एक समागम देखने को मिला।
दुनिया भर की प्रभावशाली आवाज़ों को एकत्रित करते हुए, पहले दिन के सत्रों ने वैश्विक एआई पारितंत्र में भारत की केंद्रीय भूमिका को सुदृढ़ किया। चर्चाओं में भारत की एआई रणनीति के लिए एक ठोस रोडमैप बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें सैद्धांतिक रूपरेखाओं से ठोस संस्थागत डिज़ाइन और अवसंरचना योजना की ओर बदलाव पर जोर दिया गया।
पहले दिन के मुख्य विषयों में जिम्मेदार शासन एवं संप्रभुता, एआई-प्रेरित आर्थिक बदलाव, सैद्धांतिक रूपरेखा से क्रियान्वयन तक, तथा कौशल विकास और पारितंत्र निर्माण शामिल थे।
शिखर सम्मेलन में बोलते हुए, श्री जितिन प्रसाद, माननीय राज्य मंत्री, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी और वाणिज्य एवं उद्योग, ने एआई विकास में भारत के नेतृत्व को पुनः रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “यह एआई केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए है। भारत पूरे विश्व के लिए वह सेवा प्रदाता बनेगा। विकास में हमें विकासशील दुनिया तथा वैश्विक दक्षिण, दोनों में योगदान करना होगा।”

संप्रभु और समावेशी एआई हार्डवेयर सिस्टम की आवश्यकता को और रेखांकित करते हुए, श्री एस. कृष्ण, सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, ने हार्डवेयर-रूटेड सोवरेन्टी: वेरिफाइएबल सेफ एंड ट्रस्टेड एआई इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर द ग्लोबल साउथ नामक सत्र में कहा, “हमने यहाँ जो प्रयास किया है, वह निजी क्षेत्र को डेटा सेंटर और एआई-आधारित कम्प्यूट अवसंरचना स्थापित करने में भारी निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना है। सीधे एआई कम्प्यूट की स्थापना को सब्सिडी देने के बजाय, हमने कहा है कि हम एक्सेस पर सब्सिडी देंगे। हमने बाजार का समर्थन किया और सुनिश्चित किया कि शोधकर्ता, नवप्रवर्तक, लघु और मध्यम उद्यम तथा विद्यार्थी, सभी को एआई कम्प्यूट तक उचित मूल्य पर एक्सेस मिले। आज भारत में, आप एआई कम्प्यूट को उस मूल्य के लगभग एक तिहाई मूल्य में एक्सेस कर सकते हैं जो आप दुनिया के अन्य हिस्सों में देंगे।”

इस शिखर सम्मेलन के उद्घाटन दिवस की एक प्रमुख विशेषता इंडिया एआई इम्पैक्ट बिल्डाथॉन का समापन था, जो एआई को लोकतांत्रिक बनाने के लिए एक राष्ट्रीय पहल के रूप में आयोजित किया गया। 21 शहरों में 48 प्री-समिट कार्यशालाओं के माध्यम से इस अभियान ने 10,000 से अधिक छात्रों को जोड़ा, इसके बाद यह एक पैन-इंडिया हैकाथॉन में विस्तृत हुआ, जिसमें 100 शहरों से 40,000 शिक्षार्थियों और पेशेवरों ने भाग लिया।