महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल, शिक्षा व पोषण पर राष्ट्रीय सीएसआर कार्यशाला का आयोजन

प्रारंभिक बाल्यावस्था में निवेश एक रणनीति राष्ट्रीय प्राथमिकता है: श्रीमती अन्नपूर्णा देवी

केंद्रीय मंत्री ने प्रारंभक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा में प्रगति को और तेज करने के लिए सरकार और उद्योग के बीच मजबूत सहयोग का आह्वान किया

डी. एन. धूलिया 

नई दिल्लीl भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 20 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में ‘प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल, शिक्षा और पोषण – आंगनवाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण’ पर राष्ट्रीय सीएसआर कार्यशाला का आयोजन किया।

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और विजन के तहत आयोजित यह कार्यशाला, ‘विकसित भारत @2047’ के आधारभूत स्तंभ के रूप में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई) पर केंद्रित थी। यह कार्यशाला भारत के आंगनवाड़ी इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) संसाधनों को मिशन-मोड में जुटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभालशिक्षा और पोषण – आंगनवाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण पर यह राष्ट्रीय सीएसआर कार्यशाला माननीय केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी और माननीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित की गई। इस कार्यशाला में कॉर्पोरेट सीएसआर प्रमुखों, परोपकारी संस्थाओं, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, विकास भागीदारों और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों के अधिकारियों ने भी इसमें शिरकत की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सीएसआर साझेदारियाँ जमीनी स्तर पर सुचारू, जवाबदेह और परिणामोन्मुखी कार्यान्वयन में परिवर्तित हों।

स्वागत भाषण देते हुए, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री अनिल मलिक ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र देश भर के लाखों बच्चों और माताओं की सेवा करने वाले आधारभूत सामुदायिक संस्थान हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुदृढ़ीकरण के अगले चरण के लिए राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप मापने योग्य, तकनीक-सक्षम और जवाबदेह सीएसआर साझेदारी की आवश्यकता है।

मुख्य भाषण देते हुए, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने इस बात पर बल दिया कि प्रारंभिक बाल्यावस्था में निवेश एक रणनीतिक राष्ट्रीय प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत करना राष्ट्र निर्माण का अभिन्न अंग है और एक विकसित राष्ट्र की असली पहचान इस बात में निहित है कि वह अपने बच्चों का उनके शुरुआती वर्षों में किस प्रकार पालन-पोषण करता है।

सीएसआर कार्यशाला को संबोधित करते हुए, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी मार्गदर्शन का सम्मानपूर्वक उल्लेख किया और उनके प्रेरक शब्दों को उद्धृत किया: “बचपन में किया गया निवेश ही सबसे बड़ा राष्ट्र निर्माण है।”

उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले एक दशक में, सरकार ने बचपन के विकास की पहलों को मजबूत करने के लिए “संपूर्ण सरकार” और “संपूर्ण समाज”  का दृष्टिकोण अपनाया है। कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए, उन्होंने उद्योग जगत के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि उनके निवेश स्थायी और मापने योग्य प्रभाव पैदा करें।

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