ठगी के मामले में उत्तराखण्ड के पूर्व बड़े अधिकारी का बेटा गिरफ्तार
देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व बड़े अधिकारी के बेटे आर यशोवर्धन को दून पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि यशोवर्धन खुद को आइपीएम और केंद्रीय इंटेलिजेंस अधिकारी बताकर ठगा करता था। राजपुर पुलिस यशोवर्धन को दिल्ली से गिरफ्तार कर देहरादून लेकर आई है।
उत्तराखंड के एक पूर्व बड़े अफसर के बेटे यशोवर्धन पर महिला वैज्ञानिक को फर्जी नियुक्ति पत्र, पेटेंट और सरकारी अनुदान का झांसा देने का आरोप है। पुलिस को उसके पास से वॉकी-टॉकी, सैन्य वर्दी, फर्जी रक्षा मंत्रालय बैंड और टोपियां बरामद हुई हैं।
यशोवर्धन पर देहरादून में ठगी का दूसरा मुकदमा दर्ज हुआ है। राजपुर एसओ ने बताया कि आरोपी यशोवर्धन पर एक युवक की दिवंगत मां के नाम पर कंपनी पंजीकृत कराकर करोड़ों का कारोबार और सरकारी योजनाओं के तहत 20 से 25 लाख रुपये की फंडिंग दिलाने का झांसा देकर एमबीबीएस छात्र से 15 लाख रुपये ठगने का आरोप था। पीड़ित की तहरीर के आधार आरोपी के खिलाफ थाना राजपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था।
डाकरा बाजार निवासी एमबीबीएस के छात्र अंशुल उपाध्याय ने बताया कि 24 मार्च को यशोवर्धन नामक व्यक्ति से पहचान हुई थी। यशोवर्धन ने स्वयं को केंद्र सरकार में कार्यरत और एसओजी से जुड़ा बताते हुए विश्वास में लिया।
आरोपी ने दिवंगत मां के नाम पर कंपनी पंजीकृत कराकर श्रद्धांजलि देने का प्रस्ताव दिया। साथ ही स्टार्टअप इंडिया व अन्य सरकारी योजनाओं से 20 से 25 लाख रुपये तक की फंडिंग दिलाने का भरोसा दिया।
यशोवर्धन ने 15 लाख रुपये नकद ले लिए. साथ ही आरोपी ने दो लाख रुपये लेकर कस्टम विभाग से चार आइफोन उपलब्ध कराने का भी वादा किया, लेकिन न तो फोन दिए गए और न ही कंपनी का पंजीकरण कराया गया। यशोवर्धन नाम के युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। थाना राजपुर में महिला की शिकायत पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।