अलकनंदा नदी में बाढ़ जैसे हालात, आवासीय भवन डूबे, लोगों ने घरों को किया खाली
प्रशासन से लगाई मदद की गुहार, नदी से 20 मीटर दूर स्थित भगवान शिव की विशालकाय मूर्ति भी पूरी तरह जलमग्न
रुद्रप्रयाग। बद्रीनाथ क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मां अलकनंदा उफान पर बह रही है। नदी खतरे के निशान पर बह रही है, जिससे नदी से सटे आवासीय भवनों को खतरा बना हुआ है, जबकि नदी का जल प्रवाह अचानक बढ़ने से बाल्मीकि समाज के आवासीय भवनों में जल भराव की स्थिति पैदा हो गई। लोगों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। इसके साथ ही जिला चिकित्सालय और बाल्मीकि बस्ती को जोड़ने वाला पुल भी नदी में डूब गया।
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मां अलकनंदा नदी उफान पर है। नदी अपने डेंजर लेवल पर बह रही है। नदी किनारे के सभी घाट सहित पैदल रास्ते डूब चुके हैं। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी से लगभग बीस मीटर दूर भगवान शिव की 15 फीट ऊंची विशालकाय मूर्ति भी पूरी तरह से जलमग्न हो गयी है। नदी किनारे जाने पर फिलहाल रोक लगाई गयी है। जो घर नदी किनारे स्थित है, उन्हें खाली करवा दिया गया है। फिलहाल बढ़ते जल स्तर से परेशानियां हो रही हैं। नदी में बाढ़ जैसे हालत बने हुए हैं।
पहाड़ों में लगातार मूसलाधार बारिश जारी है। बारिश के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बद्रीनाथ क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते बृहस्पतिवार सुबह मां अलकनंदा नदी का जल स्तर खतरे के निशान को पार कर गया, जिससे आस-पास भवनों को खतरा पैदा हो गया। बेलनी पुल के नीचे जिला चिकित्सालय को जाने वाला पैदल मार्ग नदी में डूब गया है, जबकि बाल्मीकि समाज के कुछ आवासीय भवनों में पानी भर गया, जिससे किसी तरह भागकर लोगों ने अपनी जान बचाई।
प्रभावित लोगों ने कहा कि नदी का जल स्तर अचानक बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए, इसके बाद आनन-फानन में घर में रखे सामान को खाली किया गया, लेकिन पानी इतना ज्यादा बढ़ गया कि हजारों का नुकसान हो गया। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ क्षेत्र में रात के समय हुई मूसलाधार बारिश के बावजूद भी प्रशासन की ओर से कोई अनाउंसमेंट नहीं किया गया, जिससे उनके सामने ऐसी स्थिति खड़ी हो गई। प्रशासन से मदद को लेकर गुहार लगाई जाती है, लेकिन कोई भी मदद नहीं की जाती है। हर साल उन्हें बाढ़ जैसे हालातों से गुजरना पड़ता है।