दिल्ली वायु प्रदूषण : ‘बिना PUC के फ्यूल नहीं’ नियम और BS-VI इंजन वाली गाड़ियों पर बैन आज से लागू
गाड़ियों की चेकिंग के लिए 580 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, इसके अलावा, 126 चेकपॉइंट्स पर 37 एनफोर्समेंट वैन भी तैनात

नई दिल्ली (संवाददाता)l दिल्ली एयर पॉल्यूशन से जूझ रही है, जिसके चलते सरकार बृहस्पतिवार से सख्त नियम लागू कर दिए हैं l – ट्रैफिक जाम खत्म करने, बिना PUC सर्टिफिकेट वाली गाड़ियों की पहचान करने से लेकर BS-VI इंजन वाली गाड़ियों की एंट्री पर बैन लगाने तक। दिल्ली सरकार GRAP स्टेज-4 के तहत लागू ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम को सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया है l जिसका मतलब है कि बिना वैलिड पॉल्यूशन सर्टिफिकेट वाली गाड़ियां डीजल, पेट्रोल या CNG नहीं खरीद पाएंगी और उन्हें दिल्ली में एंट्री नहीं मिलेगीl
पॉल्युशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट के बिना गाड़ियों को पेट्रोल, डीजल या CNG नहीं दिया जा रहा है। बिना PUC सर्टिफिकेट वाली गाड़ियों की पहचान के लिए पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं।
फैसले को सख्ती से लागू कराने के लिए दिल्ली की सभी प्रमुख सीमाओं पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई है। गाजीपुर, टिकरी, सिंघु, बदरपुर, चिल्ला, कापसहेड़ा, धौला कुआं समेत अन्य बॉर्डर पॉइंट्स पर दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस व ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की संयुक्त टीमें तैनात की गई हैं। शहर के अंदर और बॉर्डर पर जगह-जगह गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है। PUC जांच में फेल होने पर गाड़ियों को बिना फ्यूल दिए पेट्रोल पंप से लौटाया जा रहा है। वहीं, नॉन BS-6 इंजन वाली गाड़ियां बॉर्डर से यू-टर्न ले रही हैं।
पुरानी कारों की एंट्री पर ₹20 हजार जुर्माना या बॉर्डर से यू-टर्न
दिल्ली परिवहन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-BS6 कॉमर्शियल और निजी वाहनों की सख्ती से जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने पर 20 हजार रुपए का चालान किया जा रहा है या वाहन को यू-टर्न करवाया जा रहा है।
जिन वाहनों के पास वैध और अपडेटेड पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUC) नहीं है, उन पर 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया जा रहा है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत, बार-बार नियम तोड़ने पर वाहन को जब्त करने का प्रावधान है।
CNG, इलेक्ट्रिक वाहन और जरूरी सेवाओं वाले वाहनों को छूट
दिल्ली में GRAP-4 के तहत निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों पर पूरी तरह बैन है। CNG, इलेक्ट्रिक वाहन, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और जरूरी सेवाओं को छूट दी गई है। ट्रैफिक जाम रोकने के लिए 100 हॉटस्पॉट्स पर गूगल मैप मदद लेगा। नियम तोड़ने पर वाहन जब्ती, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई होगी। पर्यावरण अधिनियम 1986 के तहत सजा मिलेगी।
सभी सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य कर दिया गया है। प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की ऑनलाइन क्लासेज चलेंगी। सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी के स्टूडेंट्स को अपनी मर्जी से ऑनलाइन या फिजिकल क्लास चुनने का ऑप्शन दिया गया है।
एनसीआर में नोएडा सबसे प्रदूषित
दिल्ली एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 397 दर्ज किया गया, यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, दिल्ली में एक्यूआई 358 दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा में 344, गाजियाबाद में 339 और गुरुग्राम में 276 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 239 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है।
दिल्ली में अगले 6 दिन AQI बहुत खराब रहने का अनुमान
मौसम विभाग ने बताया कि दिल्ली में सर्दी बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में सुबह के समय कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। IMD ने गुरुवार और शुक्रवार को घने कोहरे का पूर्वानुमान जताया है।
इस बीच, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार राजधानी की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 358 दर्ज किया गया। दिल्ली में अगले 6 दिन तक AQI ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में रहने का पूर्वानुमान है।