CJI ने बोतलबंद पानी पर PIL खारिज,

नई दिल्ली (संवाददाता)l सुप्रीम कोर्ट ने बोतलबंद पानी की गुणवत्ता से जुड़ी जनहित याचिका की सुनवाई से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि देश में पीने के पानी की उपलब्धता प्राथमिकता है और बोतलबंद पानी के मानकों पर विचार करने के लिए सक्षम प्राधिकरण मौजूद है। याचिका में बोतलबंद पानी के पुराने मानकों और प्लास्टिक से रिसने वाले रसायनों के स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर चिंता जताई गई थी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को संबंधित प्राधिकरण के समक्ष अपनी बात रखने की सलाह दी।

देश में बोतलबंद पानी की गुणवत्ता के मौजूदा मानकों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है. सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने याचिका को ‘शहरी नजरिए से जुड़ा हुआ’ बताते हुए कहा कि देश की जमीनी हकीकत इससे कहीं ज्यादा गंभीर है.

CJI ने टिप्पणी करते हुए कहा, ‘देश के बड़े हिस्से में लोगों को पीने का पानी तक नसीब नहीं है. ऐसे में पानी की गुणवत्ता का मुद्दा बाद में आता है. ग्रामीण इलाकों में लोग ज़मीन का पानी पीते हैं. आप बोतलबंद पानी में कौन-सा तत्व जोड़ा जाए या हटाया जाए, इस पर कोर्ट से निर्देश चाहते हैं, ये एक लग्ज़री इश्यू है.’

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